vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य
»
श्लोक 13
श्लोक
6.128.13
तत: शत्रुघ्नवचनान्निपुणा: श्मश्रुवर्धना:।
सुखहस्ता: सुशीघ्राश्च राघवं पर्यवारयन्॥ १३॥
अनुवाद
तब शत्रुघ्न की आज्ञा से कुशल नाई बुलाए गए, जिनके हाथ तेज और तेजस्वी थे। उन सबने श्री रघुनाथजी को घेर लिया॥13॥
Then on the orders of Shatrughna, expert barbers were called whose hands were light and swift. They all surrounded Shri Raghunath.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×