श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.128.13 
तत: शत्रुघ्नवचनान्निपुणा: श्मश्रुवर्धना:।
सुखहस्ता: सुशीघ्राश्च राघवं पर्यवारयन्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तब शत्रुघ्न की आज्ञा से कुशल नाई बुलाए गए, जिनके हाथ तेज और तेजस्वी थे। उन सबने श्री रघुनाथजी को घेर लिया॥13॥
 
Then on the orders of Shatrughna, expert barbers were called whose hands were light and swift. They all surrounded Shri Raghunath.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)