श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  6.127.61 
अब्रवीत् तु तदा रामस्तद् विमानमनुत्तमम्।
वह वैश्रवणं देवमनुजानामि गम्यताम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
उस समय भगवान राम ने उस श्रेष्ठ विमान से कहा, 'विमानों के राजा! मैं तुम्हें आज्ञा देता हूँ, अब तुम यहाँ से महाबली कुबेर के पास जाओ और उनके वाहन में ही रहो।'
 
At that time, Lord Rama said to that excellent aircraft, 'King of aircrafts! I command you, now you go from here to the great Kubera and stay in his vehicle only.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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