श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 5-6
 
 
श्लोक  6.127.5-6 
भरतस्य वच: श्रुत्वा शत्रुघ्न: परवीरहा॥ ५॥
विष्टीरनेकसाहस्रीश्चोदयामास भागश:।
समीकुरुत निम्नानि विषमाणि समानि च॥ ६॥
 
 
अनुवाद
भरत के ये वचन सुनकर शत्रुवीरों का संहार करने वाले शत्रुघ्न ने कई हजार मजदूरों को अलग-अलग दल बनाकर उन्हें आदेश दिया - 'तुम सब लोग ऊबड़-खाबड़ और नीची भूमि को समतल बनाओ।॥5-6॥
 
On hearing these words of Bharata, Shatrughna, the slayer of enemy warriors, formed several thousand labourers in separate groups and ordered them - 'You all make the uneven and low lands level.॥ 5-6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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