| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना » श्लोक 34 |
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| | | | श्लोक 6.127.34  | ततो हर्षसमुद्भूतो नि:स्वनो दिवमस्पृशत्।
स्त्रीबालयुववृद्धानां रामोऽयमिति कीर्तिते॥ ३४॥ | | | | | | अनुवाद | | हनुमान के ऐसा कहते ही नगर के सभी नागरिक, जिनमें स्त्रियाँ, बच्चे, युवा और वृद्ध सभी सम्मिलित थे, जयकार करने लगे - ‘अहा! भगवान राम आ रहे हैं।’ इन नागरिकों की हर्षध्वनि स्वर्ग तक गूँज उठी। | | | | As soon as Hanuman said this, all the citizens of the city, including women, children, youngsters and old people, started shouting - 'Oh! Lord Rama is coming.' The shouts of joy of these citizens echoed up to heaven. | | ✨ ai-generated | | |
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