श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  6.127.29-30h 
रजोवर्षं समुद्भूतं पश्य सालवनं प्रति॥ २९॥
मन्ये सालवनं रम्यं लोलयन्ति प्लवंगमा:।
 
 
अनुवाद
"वहाँ साल के जंगल को देखो, कैसी धूल की बारिश हो रही है! मुझे लगता है बंदर इस खूबसूरत साल के जंगल को हिला रहे हैं।"
 
‘Look over there at the Sal forest, what a rain of dust it is! I think the monkeys are agitating the beautiful Sal forest. 29 1/2.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas