श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  6.127.28-29h 
नि:स्वन: श्रूयते भीम: प्रहृष्टानां वनौकसाम्॥ २८॥
मन्ये वानरसेना सा नदीं तरति गोमतीम्।
 
 
अनुवाद
"लेकिन देखो, अब तो हर्ष से भरे वानरों का भयानक शोर सुनाई दे रहा है। ऐसा लग रहा है कि इस समय वानर सेना गोमती नदी पार कर रही है।"
 
‘But look, now the terrifying noise of the monkeys filled with joy can be heard. It seems that at this moment the monkey army is crossing the Gomati river.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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