vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना
»
श्लोक 19
श्लोक
6.127.19
पाण्डुरं छत्रमादाय शुक्लमाल्योपशोभितम्।
शुक्ले च वालव्यजने राजार्हे हेमभूषिते॥ १९॥
अनुवाद
उसके पास श्वेत मालाओं से सुसज्जित एक श्वेत छत्र और राजा के योग्य सोने से मढ़े हुए दो श्वेत पंखे भी थे॥19॥
He also had with him a white parasol decorated with white garlands and two white fans plated with gold, fit for a king.॥ 19॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas