श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.127.10 
राजमार्गमसम्बाधं किरन्तु शतशो नरा:।
ततस्तच्छासनं श्रुत्वा शत्रुघ्नस्य मुदान्विता:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजमार्ग पर भीड़भाड़ न हो, इसके लिए सब ओर सैकड़ों आदमी तैनात किए जाएँ।’ शत्रुघ्न का यह आदेश सुनकर सब लोग बड़ी प्रसन्नता से उसका पालन करने लगे॥10॥
 
Hundreds of people should be deployed on all sides to ensure that there is no overcrowding on the highway.' On hearing this order from Shatrughna, everyone began to obey it very happily.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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