श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.126.34 
मार्गमाणस्तु वैदेहीं राघव: सहलक्ष्मण:।
गोदावरीमनुचरन् वनोद्देशांश्च पुष्पितान्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी लक्ष्मण के साथ विदेह राजकुमारी सीता की खोज में गोदावरी के तट पर पुष्पयुक्त वन क्षेत्र में विचरण करने लगे॥34॥
 
Shri Raghunathji along with Lakshmana started wandering in the flowery forest area on the banks of Godavari in search of Videha princess Sita. 34॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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