श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.126.15 
शरभङ्गे दिवं प्राप्ते राम: सत्यपराक्रम:।
अभिवाद्य मुनीन् सर्वाञ्जनस्थानमुपागमत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
शरभंग मुनि श्री राम से पहले स्वर्ग चले गए। फिर महाबली श्री राम समस्त ऋषियों को प्रणाम करके जन-स्थान में आए॥15॥
 
Sharbhang Muni went to heaven before Shri Ram. Then the mighty Shri Ram came to the public place after paying obeisance to all the sages. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)