Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.125.27-28: सहस्रों लोगों और समृद्ध जनपदों को देखकर श्रेष्ठ हनुमान जी तीव्र गति से लम्बी दूरी पार करके नंदिग्राम के निकट पुष्पित वृक्षों के पास पहुँचे। वे वृक्ष देवराज इंद्र के नंदनवन और कुबेर के चैत्ररथ-वन के वृक्षों के समान सुन्दर थे। | ramayan सर्ग 6.125: हनुमान्जी का निषादराज गुह तथा भरतजी को श्रीराम के आगमन की सूचना देना और प्रसन्न हुए भरत का उन्हें उपहार देने की घोषणा करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सहस्रों लोगों और समृद्ध जनपदों को देखकर श्रेष्ठ हनुमान जी तीव्र गति से लम्बी दूरी पार करके नंदिग्राम के निकट पुष्पित वृक्षों के पास पहुँचे। वे वृक्ष देवराज इंद्र के नंदनवन और कुबेर के चैत्ररथ-वन के वृक्षों के समान सुन्दर थे।
Seeing thousands of people and prosperous districts, the best Hanuman ji crossed the long distance at a fast pace and reached the blooming trees near Nandigram. Those trees were as beautiful as the trees of Nandanvan of Devraj Indra and the trees of Chaitrarath-van of Kubera.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥