Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.125.21-22: अपने पिता वायु के मार्ग को पार करके, जो पक्षीराज गरुड़ का सुन्दर निवासस्थान है, गंगा और यमुना के वेगवान संगम को पार करके श्रृंगवेरपुर पहुँचकर महाबली हनुमान्जी निषादराज गुह से मिले और बड़े आनन्द से सुन्दर वचन बोले-॥ 21-22॥ | ramayan सर्ग 6.125: हनुमान्जी का निषादराज गुह तथा भरतजी को श्रीराम के आगमन की सूचना देना और प्रसन्न हुए भरत का उन्हें उपहार देने की घोषणा करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने पिता वायु के मार्ग को पार करके, जो पक्षीराज गरुड़ का सुन्दर निवासस्थान है, गंगा और यमुना के वेगवान संगम को पार करके श्रृंगवेरपुर पहुँचकर महाबली हनुमान्जी निषादराज गुह से मिले और बड़े आनन्द से सुन्दर वचन बोले-॥ 21-22॥
Crossing the path of his father Vayu – the space, which is the beautiful home of the bird king Garuda, crossing the rapid confluence of Ganga and Yamuna and reaching Shringaverpur, the mighty Hanuman met Nishadraj Guha and spoke with great joy in beautiful words -॥ 21-22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥