Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.125.2: विचार करके तेजस्वी और बुद्धिमान श्री राम ने वानरों की ओर देखा और वानर-नायक हनुमान जी से कहा-॥2॥   |   ramayan सर्ग 6.125: हनुमान्जी का निषादराज गुह तथा भरतजी को श्रीराम के आगमन की सूचना देना और प्रसन्न हुए भरत का उन्हें उपहार देने की घोषणा करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 125: हनुमान्जी का निषादराज गुह तथा भरतजी को श्रीराम के आगमन की सूचना देना और प्रसन्न हुए भरत का उन्हें उपहार देने की घोषणा करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.125.2 
चिन्तयित्वा ततो दृष्टिं वानरेषु न्यपातयत्।
उवाच धीमांस्तेजस्वी हनूमन्तं प्लवंगमम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
विचार करके तेजस्वी और बुद्धिमान श्री राम ने वानरों की ओर देखा और वानर-नायक हनुमान जी से कहा-॥2॥
 
After thinking, the brilliant and intelligent Shri Ram looked at the monkeys and said to the monkey-hero Hanuman ji -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)