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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.123.8 
अङ्गदेनात्र निहतो विकटो नाम राक्षस:।
विरूपाक्षश्च दुष्प्रेक्षो महापार्श्वमहोदरौ॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यहीं पर अंगद ने विकट नामक राक्षस का वध किया था। विरुपाक्ष, जिसे देखना भी कठिन था, महापार्श्व और महोदर का भी यहीं वध हुआ था।
 
It was here that Angada killed the demon named Vikata. Virupaksha, who was difficult to even look at, Mahaparsva and Mahodar were also killed here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)