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ramayan 6.123.44: यह वह स्थान है जहाँ मेरे सीधे बाणों से खर मारा गया था, दूषण का नाश हुआ था और महाबली त्रिशिरा का वध हुआ था।   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  6.123.44 
खरश्च निहतो यत्र दूषणश्च निपातित:।
त्रिशिराश्च महावीर्यो मया बाणैरजिह्मगै:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
यह वह स्थान है जहाँ मेरे सीधे बाणों से खर मारा गया था, दूषण का नाश हुआ था और महाबली त्रिशिरा का वध हुआ था।
 
This is the place where Khar was killed, Dushan was demolished and the mighty Trishira was put to death by my straight arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)