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ramayan 6.123.40-41h: यह वही पम्पा नाम की नदी है, जिसके तट पर विचित्र वन हैं। मैं तुम्हारे वियोग में यहाँ अत्यन्त दुःखी होकर रोया था।   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  6.123.40-41h 
एषा सा दृश्यते पम्पा नलिनी चित्रकानना॥ ४०॥
त्वया विहीनो यत्राहं विललाप सुदु:खित:।
 
 
अनुवाद
यह वही पम्पा नाम की नदी है, जिसके तट पर विचित्र वन हैं। मैं तुम्हारे वियोग में यहाँ अत्यन्त दुःखी होकर रोया था।
 
This is the same river named Pampa, which is decorated with strange forests on its banks. I had cried here in great sorrow at your separation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)