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ramayan 6.123.37-38h: उन सबके सहित विमान को शीघ्रता से ऊपर जाते देख श्री रघुनाथजी ने ऋष्यमूक के पास आकर पुनः विदेहनन्दिनी से कहा -॥37 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  6.123.37-38h 
ताभि: सहोत्थितं शीघ्रं विमानं प्रेक्ष्य राघव:॥ ३७॥
ऋष्यमूकसमीपे तु वैदेहीं पुनरब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
उन सबके सहित विमान को शीघ्रता से ऊपर जाते देख श्री रघुनाथजी ने ऋष्यमूक के पास आकर पुनः विदेहनन्दिनी से कहा -॥37 1/2॥
 
Seeing the plane being lifted up quickly along with all of them, Sri Raghunatha, on coming near Rishyamuka, once again said to Videhanandini -॥ 37 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)