Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.123.15-16h: सुमुखी! यह समुद्री तीर्थस्थल दर्शनीय है, जहाँ हमने समुद्र पार करने के बाद रात बिताई थी।   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  6.123.15-16h 
एतत् तु दृश्यते तीर्थं समुद्रस्य वरानने॥ १५॥
यत्र सागरमुत्तीर्य तां रात्रिमुषिता वयम्।
 
 
अनुवाद
सुमुखी! यह समुद्री तीर्थस्थल दर्शनीय है, जहाँ हमने समुद्र पार करने के बाद रात बिताई थी।
 
Sumukhi! This sea-pilgrim spot is visible, where we spent the night after crossing the sea.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)