Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.123.13: ‘देखने में भी भयानक लगने वाला राक्षस विद्युज्जिह्वा यहीं मारा गया था। यज्ञ का शत्रु तथा महाबली सुप्तघ्न भी यहीं मारा गया था।॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.123.13 
विद्युज्जिह्वोऽत्र निहतो राक्षसो भीमदर्शन:।
यज्ञशत्रुश्च निहत: सुप्तघ्नश्च महाबल:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘देखने में भी भयानक लगने वाला राक्षस विद्युज्जिह्वा यहीं मारा गया था। यज्ञ का शत्रु तथा महाबली सुप्तघ्न भी यहीं मारा गया था।॥13॥
 
‘The demon Vidyujjihva, who was fearful even to look at, was killed here. The enemy of Yajna and the mighty Suptaghna were also killed here.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)