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ramayan 6.123.10: युधोन्मत्त और मत्त ये दोनों श्रेष्ठ राक्षस तथा कुम्भकर्ण के दोनों पुत्र बलशाली कुम्भ और निकुम्भ भी यहीं मारे गए थे॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.123.10 
युद्धोन्मत्तश्च मत्तश्च राक्षसप्रवरावुभौ।
निकुम्भश्चैव कुम्भश्च कुम्भकर्णात्मजौ बली॥ १०॥
 
 
अनुवाद
युधोन्मत्त और मत्त ये दोनों श्रेष्ठ राक्षस तथा कुम्भकर्ण के दोनों पुत्र बलशाली कुम्भ और निकुम्भ भी यहीं मारे गए थे॥10॥
 
Yudhonmatta and Matta, both the best demons and the powerful Kumbha and Nikumbha, the two sons of Kumbhakarna, also died here. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)