श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.121.8 
एवमुक्तस्तु काकुत्स्थं प्रत्युवाच विभीषण:।
अह्ना त्वां प्रापयिष्यामि तां पुरीं पार्थिवात्मज॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर विभीषण ने श्री रामचन्द्रजी को इस प्रकार उत्तर दिया - 'राजकुमार! आप इसकी चिन्ता न करें। मैं आपको एक ही दिन में उस नगर में पहुँचा दूँगा।'
 
On his saying this, Vibhishan replied to Shri Ramchandraji in this manner - 'Prince! Do not worry about this. I will take you to that city in a single day.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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