श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.121.3 
अलंकारविदश्चैता नार्य: पद्मनिभेक्षणा:।
उपस्थितास्त्वां विधिवत् स्नापयिष्यन्ति राघव॥ ३॥
 
 
अनुवाद
‘रघुवीर! ये कमल-नेत्र वाली स्त्रियाँ, जो श्रृंगार की कला जानती हैं, सेवा के लिए भी उपस्थित हैं, जो विधिपूर्वक तुम्हें स्नान कराएंगी॥3॥
 
‘Raghuveer! These lotus-eyed women, who know the art of make-up, are also available for service, who will bathe you as per the ritual. 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd