vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना
»
श्लोक 3
श्लोक
6.121.3
अलंकारविदश्चैता नार्य: पद्मनिभेक्षणा:।
उपस्थितास्त्वां विधिवत् स्नापयिष्यन्ति राघव॥ ३॥
अनुवाद
‘रघुवीर! ये कमल-नेत्र वाली स्त्रियाँ, जो श्रृंगार की कला जानती हैं, सेवा के लिए भी उपस्थित हैं, जो विधिपूर्वक तुम्हें स्नान कराएंगी॥3॥
‘Raghuveer! These lotus-eyed women, who know the art of make-up, are also available for service, who will bathe you as per the ritual. 3॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd