श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.121.23 
एवमुक्तस्तु रामेण राक्षसेन्द्रो विभीषण:।
विमानं सूर्यसंकाशमाजुहाव त्वरान्वित:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम की यह बात सुनकर राक्षसराज विभीषण ने उत्सुकतापूर्वक उस विमान का आह्वान किया जो सूर्य के समान तेजस्वी था।
 
Upon hearing Lord Rama say this, the demon king Vibhishana eagerly invoked that aircraft which was as radiant as the Sun.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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