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ramayan 6.121.11: वह मेघ के समान दिखने वाला दिव्य विमान यहाँ विद्यमान है, जिससे तुम निश्चिंत होकर अयोध्यापुरी जा सकते हो॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 6.121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.121.11 
तदिदं मेघसंकाशं विमानमिह तिष्ठति।
येन यास्यसि यानेन त्वमयोध्यां गतज्वर:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वह मेघ के समान दिखने वाला दिव्य विमान यहाँ विद्यमान है, जिससे तुम निश्चिंत होकर अयोध्यापुरी जा सकते हो॥ 11॥
 
That divine aircraft appearing like a cloud is present here, by which you can go to Ayodhyapuri without any worry.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)