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ramayan 6.120.4: हे वक्ताओं में श्रेष्ठ प्रभु! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं, तो मैं आपसे एक प्रार्थना करूँगा। कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें॥4॥   |   ramayan सर्ग 6.120: श्रीराम के अनुरोध से इन्द्र का मरे हुए वानरों को जीवित करना, देवताओं का प्रस्थान और वानर सेना का विश्राम   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.120.4 
यदि प्रीति: समुत्पन्ना मयि ते विबुधेश्वर।
वक्ष्यामि कुरु मे सत्यं वचनं वदतां वर॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे वक्ताओं में श्रेष्ठ प्रभु! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं, तो मैं आपसे एक प्रार्थना करूँगा। कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें॥4॥
 
O Lord, the best among speakers! If you are pleased with me, then I will make a request to you. Please grant my request.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)