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ramayan 6.12.4: नगर की रक्षा के लिए सम्पूर्ण सेना को तैनात करके अभिमानी राजा रावण के सामने बैठकर इस प्रकार बोले:॥4॥   |   ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.12.4 
ततो विनिक्षिप्य बलं सर्वं नगरगुप्तये।
प्रहस्त: प्रमुखे राज्ञो निषसाद जगाद च॥ ४॥
 
 
अनुवाद
नगर की रक्षा के लिए सम्पूर्ण सेना को तैनात करके अभिमानी राजा रावण के सामने बैठकर इस प्रकार बोले:॥4॥
 
After deploying the entire army to protect the city, the proud king sat before Ravana and spoke thus:॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)