श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.12.39 
वधेन वै दाशरथे: सुखावहं
जयं तवाहर्तुमहं यतिष्ये।
हत्वा च रामं सह लक्ष्मणेन
खादामि सर्वान् हरियूथमुख्यान्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
मैं दशरथनन्दन श्री राम को मारकर आपकी सुखद विजय सुनिश्चित करने का प्रयत्न करूँगा। मैं लक्ष्मण सहित राम को मारकर समस्त वानरों और बन्दरियों को खा जाऊँगा। 39॥
 
By killing Dashrathanandan Shri Ram, I will try to ensure a happy victory for you. I will kill Ram along with Lakshman and eat all the monkeys and monkeys. 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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