श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.12.38 
पुनर्मां स द्वितीयेन शरेण निहनिष्यति।
ततोऽहं तस्य पास्यामि रुधिरं काममाश्वस॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
राम मुझे एक बाण से मारेंगे, फिर दूसरा बाण मारेंगे, इस बीच मैं उनका रक्त पी लूँगा। इसलिए तुम सर्वथा निश्चिन्त रहो ॥38॥
 
Rama will hit me with one arrow and then will hit me with another arrow, in the meantime I will drink his blood. Therefore you should be completely carefree. ॥ 38॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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