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ramayan 6.12.37: जब मैं पर्वत के समान विशाल शरीर वाला, तीखे दांतों वाला, हाथ में बड़ी तलवार लेकर रणभूमि में गर्जना करूंगा, तब भगवान इन्द्र भी भयभीत हो जाएंगे।   |   ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.12.37 
गिरिमात्रशरीरस्य महापरिघयोधिन:।
नर्दतस्तीक्ष्णदंष्ट्रस्य बिभीयाद् वै पुरंदर:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
जब मैं पर्वत के समान विशाल शरीर वाला, तीखे दांतों वाला, हाथ में बड़ी तलवार लेकर रणभूमि में गर्जना करूंगा, तब भगवान इन्द्र भी भयभीत हो जाएंगे।
 
When I, having a body as huge as a mountain and having sharp teeth, fight in the battlefield with a huge sword in my hand and roar, even Lord Indra will be frightened.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)