Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.12.26: मैं संसार में किसी दूसरे को नहीं देखता, जिसमें वानरों के साथ समुद्र पार करके यहाँ तक पहुँचने की शक्ति हो (किन्तु यहाँ आकर भी राम और वानर मेरा कुछ भी अनिष्ट नहीं कर सकते), अतः मुझे विश्वास है कि विजय मेरी ही होगी॥ 26॥ | ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं संसार में किसी दूसरे को नहीं देखता, जिसमें वानरों के साथ समुद्र पार करके यहाँ तक पहुँचने की शक्ति हो (किन्तु यहाँ आकर भी राम और वानर मेरा कुछ भी अनिष्ट नहीं कर सकते), अतः मुझे विश्वास है कि विजय मेरी ही होगी॥ 26॥
I do not see anyone else in the world who has the strength to cross the ocean with the monkeys and reach here (but even after coming here, Rama and the monkeys cannot do any harm to me), so I am sure that the victory will be mine.'॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥