Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.12.15: उनके चरणों के तलवे लाल रंग के हैं। दोनों चरण सुन्दर, चिकने और सुडौल हैं और उनके नख ताँबे के समान लाल हैं। सीता के उन चरणों को देखकर मेरी कामवासना प्रज्वलित हो रही है॥ 15॥ | ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके चरणों के तलवे लाल रंग के हैं। दोनों चरण सुन्दर, चिकने और सुडौल हैं और उनके नख ताँबे के समान लाल हैं। सीता के उन चरणों को देखकर मेरी कामवासना प्रज्वलित हो रही है॥ 15॥
‘The soles of her feet are red in colour. Both feet are beautiful, smooth and shapely and their nails are red like copper. Seeing those feet of Sita, my passion is kindled.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥