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ramayan 6.12.14: 'उसके शरीर का मध्य भाग अत्यंत क्षीण है, कमर के पीछे का भाग मोटा है, उसका मुख शरद् के चन्द्रमा को भी लज्जित करता है, वह सीता सौम्य रूप और स्वभाव वाली सोने की मूर्ति के समान प्रतीत होती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो वह मायासुर की रची हुई कोई माया है॥ 14॥   |   ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.12.14 
तनुमध्या पृथुश्रोणी शरदिन्दुनिभानना।
हेमबिम्बनिभा सौम्या मायेव मयनिर्मिता॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'उसके शरीर का मध्य भाग अत्यंत क्षीण है, कमर के पीछे का भाग मोटा है, उसका मुख शरद् के चन्द्रमा को भी लज्जित करता है, वह सीता सौम्य रूप और स्वभाव वाली सोने की मूर्ति के समान प्रतीत होती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो वह मायासुर की रची हुई कोई माया है॥ 14॥
 
‘The middle portion of her body is extremely thin, the portion behind the waist is thick, her face puts the autumn moon to shame, that Sita with her gentle appearance and temperament appears like a statue made of gold. It appears as if she is some illusion created by Mayasura.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)