Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.12.10: मैंने जो कार्य किया था, उसे आप सबके समक्ष पहले ही प्रस्तुत कर दिया था और उसमें आपका सहयोग भी चाहता था, परंतु उस समय कुंभकर्ण सो रहा था, इसलिए मैंने उसकी चर्चा नहीं की॥10॥ | ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने जो कार्य किया था, उसे आप सबके समक्ष पहले ही प्रस्तुत कर दिया था और उसमें आपका सहयोग भी चाहता था, परंतु उस समय कुंभकर्ण सो रहा था, इसलिए मैंने उसकी चर्चा नहीं की॥10॥
I had already presented the work I had done before you all and wanted your support for it, but at that time Kumbhakarna was asleep, so I did not discuss it.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥