Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.12.1: शत्रुओं को जीतने वाले रावण ने सारी सभा को देखकर सेनापति प्रहस्त को इस प्रकार आदेश दिया - 1॥   |   ramayan सर्ग 6.12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 12: रावण का सीता हरण का प्रसंग बताना , कुम्भकर्ण का पहले तो उसे फटकारना, फिर समस्त शत्रुओं के वध का स्वयं ही भार उठाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.12.1 
स तां परिषदं कृत्स्नां समीक्ष्य समितिंजय:।
प्रचोदयामास तदा प्रहस्तं वाहिनीपतिम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं को जीतने वाले रावण ने सारी सभा को देखकर सेनापति प्रहस्त को इस प्रकार आदेश दिया - 1॥
 
Ravana, the conqueror of the enemy, looked at the entire gathering and gave orders to commander Prahastha as follows - 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)