श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 116: सीता का श्रीराम को उपालम्भपूर्ण उत्तर देकर अपने सतीत्व की परीक्षा देने के लिये अग्नि में प्रवेश करना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.116.36 
तस्यामग्निं विशन्त्यां तु हाहेति विपुल: स्वन:।
रक्षसां वानराणां च सम्बभूवाद्भुतोपम:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जब वह अग्नि में प्रविष्ट हुआ, तब राक्षस और वानर जोर-जोर से विलाप करने लगे। उनकी अद्भुत पीड़ा भरी चीखें चारों ओर गूंजने लगीं॥36॥
 
When he entered the fire, the demons and monkeys started wailing loudly. Their wonderful cries of pain echoed all around.॥ 36॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे षोडशाधिकशततम: सर्ग:॥ ११६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें एक सौ सोलहवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ११६॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)