श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 116: सीता का श्रीराम को उपालम्भपूर्ण उत्तर देकर अपने सतीत्व की परीक्षा देने के लिये अग्नि में प्रवेश करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.116.30 
जनश्च सुमहांस्तत्र बालवृद्धसमाकुल:।
ददर्श मैथिलीं दीप्तां प्रविशन्तीं हुताशनम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वहां उपस्थित बच्चों और बूढ़ों से भरी विशाल भीड़ ने तेजस्वी मिथिलेश कुमारी को जलती हुई अग्नि में प्रवेश करते देखा।
 
The large crowd there, filled with children and old people, saw the radiant Mithilesh Kumari entering the burning fire.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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