श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 116: सीता का श्रीराम को उपालम्भपूर्ण उत्तर देकर अपने सतीत्व की परीक्षा देने के लिये अग्नि में प्रवेश करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.116.16 
न प्रमाणीकृत: पाणिर्बाल्ये मम निपीडित:।
मम भक्तिश्च शीलं च सर्वं ते पृष्ठत: कृतम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हें इस बात का भी ध्यान नहीं रहा कि तुमने बचपन में ही मुझसे विवाह कर लिया था। मेरे मन में तुम्हारे प्रति जो भक्ति और जो शील है, उन सबको तुमने एक ओर कर दिया - मुझे तुरन्त ही भुला दिया।'॥16॥
 
‘You did not even pay attention to the fact that you married me in my childhood. The devotion I have for you and the modesty I have, you pushed them all aside – made me forget them all at once.’॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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