श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 116: सीता का श्रीराम को उपालम्भपूर्ण उत्तर देकर अपने सतीत्व की परीक्षा देने के लिये अग्नि में प्रवेश करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.116.12 
प्रत्यक्षं वानरस्यास्य तद्वाक्यसमनन्तरम्।
त्वया संत्यक्तया वीर त्यक्तं स्याज्जीवितं मया॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उस समय वीर वानर हनुमान् से आपके त्याग के विषय में सुनकर मैं तुरन्त ही उनके सामने अपने प्राण त्याग देता॥12॥
 
At that time, having heard from the brave monkey Hanuman about your renunciation, I would have instantly given up my life in front of him.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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