Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.115.16: मैंने यह सब अच्छे आचरण की रक्षा के लिए, हर जगह फैल रहे आरोपों को दूर करने के लिए तथा मेरे गौरवशाली वंश पर लगे कलंक को दूर करने के लिए किया है। | ramayan सर्ग 6.115: सीता के चरित्र पर संदेह करके श्रीराम का उन्हें ग्रहण करने से इनकार करना और अन्यत्र जाने के लिये कहना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रक्षता तु मया वृत्तमपवादं च सर्वत:।
प्रख्यातस्यात्मवंशस्य न्यङ्गं च परिमार्जता॥ १६॥
अनुवाद
मैंने यह सब अच्छे आचरण की रक्षा के लिए, हर जगह फैल रहे आरोपों को दूर करने के लिए तथा मेरे गौरवशाली वंश पर लगे कलंक को दूर करने के लिए किया है।
I have done all this to protect good conduct, to remove the accusations that are spreading everywhere and to remove the stigma that has been attached to my illustrious lineage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥