Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.115.11: वह अपने स्वामी की प्रिय थी। उसका प्रिय उसे अपने निकट देख रहा था; किन्तु लोक-निंदा का भय उस समय राजा श्री राम का हृदय विदीर्ण कर रहा था। | ramayan सर्ग 6.115: सीता के चरित्र पर संदेह करके श्रीराम का उन्हें ग्रहण करने से इनकार करना और अन्यत्र जाने के लिये कहना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अपने स्वामी की प्रिय थी। उसका प्रिय उसे अपने निकट देख रहा था; किन्तु लोक-निंदा का भय उस समय राजा श्री राम का हृदय विदीर्ण कर रहा था।
She was the beloved of her master. Her beloved was seeing her near him; but the fear of public criticism was breaking the heart of King Shri Ram at that time. 11.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥