श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.114.8 
एवमुक्तस्तु रामेण त्वरमाणो विभीषण:।
प्रविश्यान्त:पुरं सीतां स्त्रीभि: स्वाभिरचोदयत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
श्री राम की यह बात सुनकर विभीषण बड़ी शीघ्रता से भीतरी कक्ष में गए और सबसे पहले अपनी पत्नियों को सीता को उनके आगमन की सूचना देने के लिए भेजा।
 
On hearing Sri Rama say this, Vibhishana went to the inner chamber in great haste and first sent his wives to inform Sita about his arrival.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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