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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना
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श्लोक 30
श्लोक
6.114.30
विसृज्य शिबिकां तस्मात् पद्भॺामेवापसर्पतु।
समीपे मम वैदेहीं पश्यन्त्वेते वनौकस:॥ ३०॥
अनुवाद
'इसलिए जानकी को पालकी छोड़कर पैदल मेरे पास आना चाहिए और ये सभी बंदर उन्हें देखें।'
‘Therefore Janaki should leave the palanquin and come to me on foot and all these monkeys should see her.’
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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