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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 114: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण का सीता को उनके समीप लाना और सीता का प्रियतम के मुखचन्द्र का दर्शन करना
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श्लोक 11
श्लोक
6.114.11
एवमुक्ता तु वैदेही प्रत्युवाच विभीषणम्।
अस्नात्वा द्रष्टुमिच्छामि भर्तारं राक्षसेश्वर॥ ११॥
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर वैदेही ने विभीषण को उत्तर दिया - 'राक्षसराज! मैं बिना स्नान किये अभी अपने पति का दर्शन करना चाहती हूँ।'
Upon his saying this, Vaidehi replied to Vibhishan - 'King of demons! I wish to see my husband right now without taking a bath.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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