वैदेह्यै मां च कुशलं सुग्रीवं च सलक्ष्मणम्।
आचक्ष्व वदतां श्रेष्ठ रावणं च हतं रणे॥ २५॥
प्रियमेतदिहाख्याहि वैदेह्यास्त्वं हरीश्वर।
प्रतिगृह्य तु संदेशमुपावर्तितुमर्हसि॥ २६॥
अनुवाद
सुग्रीव और लक्ष्मण सहित मेरा भी कुशल-क्षेम उस विदेह की राजकुमारी को कहो। हे वक्ताओं में श्रेष्ठ हरिश्वर! तुम वैदेही को यह सुखद समाचार सुनाओ कि रावण युद्ध में मारा गया है। फिर उसका संदेश लेकर लौट आओ।॥ 25-26॥
‘Also convey my well-being along with that of Sugreeva and Lakshmana to that princess of Videha. O Hariswara, the best among speakers! You convey this pleasant news to Vaidehi that Ravana has been killed in the war. Then return with her message.’॥ 25-26॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे द्वादशाधिकशततम: सर्ग: ॥ १ १२॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें एक सौ बारहवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ १२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥