Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.112.2-4h: रावण का भयंकर वध, श्री रघुनाथजी का पराक्रम, वानरों का उत्तम युद्ध, सुग्रीव की सलाह, श्री राम के प्रति लक्ष्मण और हनुमान जी की भक्ति, उन दोनों का पराक्रम, सीता की भक्ति और हनुमान जी, महाभाग देवता आदि के पुरुषार्थ की चर्चा करते हुए वे जैसे आए थे, वैसे ही प्रसन्नतापूर्वक चले गए॥2-3 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.112: विभीषण का राज्याभिषेक और श्रीरघुनाथजी का हनुमान्जी के द्वारा सीता के पास संदेश भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रावणस्य वधं घोरं राघवस्य पराक्रमम्।
सुयुद्धं वानराणां च सुग्रीवस्य च मन्त्रितम्॥ २॥
अनुरागं च वीर्यं च मारुतेर्लक्ष्मणस्य च।
पतिव्रतात्वं सीताया हनूमति पराक्रमम्॥ ३॥
कथयन्तो महाभागा जग्मुर्हृष्टा यथागतम्।
अनुवाद
रावण का भयंकर वध, श्री रघुनाथजी का पराक्रम, वानरों का उत्तम युद्ध, सुग्रीव की सलाह, श्री राम के प्रति लक्ष्मण और हनुमान जी की भक्ति, उन दोनों का पराक्रम, सीता की भक्ति और हनुमान जी, महाभाग देवता आदि के पुरुषार्थ की चर्चा करते हुए वे जैसे आए थे, वैसे ही प्रसन्नतापूर्वक चले गए॥2-3 1/2॥
Talking about the terrible killing of Ravana, the bravery of Shri Raghunathji, the excellent battle of the monkeys, the advice of Sugriva, the devotion of Lakshman and Hanuman ji towards Shri Ram, the bravery of both of them, the devotion of Sita and the efforts of Hanuman ji, Mahabhag Devta etc., they went away happily in the same way as they had come. 2-3 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥