श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 112: विभीषण का राज्याभिषेक और श्रीरघुनाथजी का हनुमान्जी के द्वारा सीता के पास संदेश भेजना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.112.19 
स तद् राज्यं महत् प्राप्य रामदत्तं विभीषण:।
सान्त्वयित्वा प्रकृतयस्ततो राममुपागमत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भगवान् रामजी द्वारा दिया गया वह विशाल राज्य पाकर विभीषण अपनी प्रजा को सांत्वना देकर भगवान् रामजी के पास आए॥19॥
 
After receiving that huge kingdom given by Lord Rama, Vibhishana consoled his subjects and came to Lord Rama. ॥19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd