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श्लोक 6.112.19  |
स तद् राज्यं महत् प्राप्य रामदत्तं विभीषण:।
सान्त्वयित्वा प्रकृतयस्ततो राममुपागमत्॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान् रामजी द्वारा दिया गया वह विशाल राज्य पाकर विभीषण अपनी प्रजा को सांत्वना देकर भगवान् रामजी के पास आए॥19॥ |
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| After receiving that huge kingdom given by Lord Rama, Vibhishana consoled his subjects and came to Lord Rama. ॥19॥ |
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