Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.112.17-18: वे अत्यन्त प्रसन्न हुए और श्री रामजी की स्तुति करने लगे। राक्षसराज विभीषण को लंका के राज्य पर अभिषिक्त देखकर उनके मन्त्रीगण तथा प्रिय राक्षसगण अत्यन्त प्रसन्न हुए। साथ ही लक्ष्मण सहित श्री रघुनाथजी भी अत्यन्त प्रसन्न हुए। 17-18॥ | ramayan सर्ग 6.112: विभीषण का राज्याभिषेक और श्रीरघुनाथजी का हनुमान्जी के द्वारा सीता के पास संदेश भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे अत्यन्त प्रसन्न हुए और श्री रामजी की स्तुति करने लगे। राक्षसराज विभीषण को लंका के राज्य पर अभिषिक्त देखकर उनके मन्त्रीगण तथा प्रिय राक्षसगण अत्यन्त प्रसन्न हुए। साथ ही लक्ष्मण सहित श्री रघुनाथजी भी अत्यन्त प्रसन्न हुए। 17-18॥
He became very happy and started praising Shri Ram. Seeing the demon king Vibhishana anointed to the kingdom of Lanka, his ministers and lover Rakshas were very happy. Along with this, Shri Raghunathji along with Laxman were very happy. 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥