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ramayan 6.110.7: अचानक युद्धभूमि की धूल में पड़े अपने मृत पति को देखकर वह कटी हुई वन लताओं की भाँति उसके अंगों पर गिर पड़ी।   |   ramayan सर्ग 6.110: रावण की स्त्रियों का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.110.7 
ता: पतिं सहसा दृष्ट्वा शयानं रणपांसुषु।
निपेतुस्तस्य गात्रेषु च्छिन्ना वनलता इव॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अचानक युद्धभूमि की धूल में पड़े अपने मृत पति को देखकर वह कटी हुई वन लताओं की भाँति उसके अंगों पर गिर पड़ी।
 
Suddenly falling sight of her dead husband lying in the dust of the battle-field, she fell on his limbs like cut forest creepers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)