श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 108: श्रीराम के द्वारा रावण का वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.108.2 
विसृजास्मै वधाय त्वमस्त्रं पैतामहं प्रभो।
विनाशकाल: कथितो य: सुरै: सोऽद्य वर्तते॥ २॥
 
 
अनुवाद
‘प्रभो! आप ब्रह्माजी के अस्त्र से उसका वध करें। देवताओं द्वारा उसके विनाश का बताया गया समय अब ​​आ पहुँचा है।’॥2॥
 
‘Lord! You should use Brahmaji's weapon to kill him. The time told by the gods for his destruction has now arrived.'॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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