श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.107.46 
क्षुब्धानां सागराणां च पातालतलवासिन:।
व्यथिता दानवा: सर्वे पन्नगाश्च सहस्रश:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
उन व्याकुल समुद्रोंके तलपर निवास करनेवाले समस्त दैत्य और हजारों सर्प व्याकुल हो उठे ॥46॥
 
All the demons and thousands of serpents residing at the bottom of those disturbed oceans became distressed. ॥ 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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